भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक पंजाब के गुरदासपुर में एक पुलिस चौकी के अंदर 2 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद, पाकिस्तान में रह रहे एक गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें एक अज्ञात शूटर पुलिसकर्मियों में से एक पर बेहद करीब से गोली चलाते हुए दिखाई दे रहा है। गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा पोस्ट किए गए उसी वीडियो को 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' नामक संगठन ने भी शेयर किया, जिसने रविवार को हुई हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी।
DIG (बॉर्डर रेंज) संदीप गोयल ने अब तक अनजान इस संगठन के दावों को खारिज कर दिया। गोयल ने कहा, “यह दावा बिल्कुल झूठा है। फिर भी, हम इसके पिछले रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। पहले भी, ऐसे कई संगठनों ने आतंकी हमलों के बाद सिर्फ़ समाज में डर पैदा करने के लिए झूठी जिम्मेदारी ली है।”
मृत पाए गए पुलिसकर्मियों की पहचान गुरनाम सिंह और अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो पंजाब के गुरदासपुर जिले के अडियां में एक सीमा चौकी पर तैनात थे। दोनों के सिर में गोली लगने के निशान मिले हैं.पंजाब पुलिस ने इन दावों को खारिज किया है। हालांकि पुलिस ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
मामला तब सामने आया जब गांव के सरपंच कमलजीत सिंह को दोरांगला थाना प्रभारी ने सूचना दी कि दोनों पुलिसकर्मी फोन नहीं उठा रहे हैं। सुबह करीब सवा 8 बजे चेकपोस्ट पहुंचे सरपंच ने दोनों को मृत पाया और उनके शरीर पर गोली लगने के घाव थे। पुलिस के अनुसार ASI का शव कुर्सी पर मिला और उनके हाथ जेब में थे, जबकि होम गार्ड का शव चारपाई पर था। जिस इलाके में शव मिले हैं, वह सीमा पार से ड्रोन के जरिये हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। घटना के बाद खुद को तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) बताने वाले संगठन के कथित पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी।
पुलिस इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या लोकल गैंगस्टर्स ने विदेशी हैंडलर्स के कहने पर ये हत्याएं कीं, या हमलावर बॉर्डर पार से आए थे, जो उस चेक पोस्ट से सिर्फ़ 1.5 km दूर है जहां क्राइम हुआ था। जांच की निगरानी कर रहे पंजाब के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “BSF बॉर्डर पार से घुसपैठ की संभावना से इनकार कर रहा है। लेकिन उन्होंने 2015 में दीनानगर टेरर अटैक और 2016 में पठानकोट एयरबेस अटैक के दौरान भी इससे इनकार किया था। इस गांव के पास कुछ संवेदनशील जगहें हैं क्योंकि इस इलाके में भारत और पाकिस्तान के बीच नदी का किनारा है। आतंकी हमेशा इस रास्ते का इस्तेमाल करने के लिए बेताब रहते हैं।”
पुलिस की जांच खालिस्तानी आतंकवादी हरविंदर रिंदा से जुड़े एक मॉड्यूल की भूमिका पर भी फोकस कर रही है, जिसमें लोकल गैंगस्टर शामिल हैं। जांच की निगरानी कर रहे पंजाब पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “हम टेरर एंगल से इनकार नहीं कर रहे हैं। पहली नजर में यह एक टेरर एक्ट जैसा लग रहा है। हमें सुराग मिले हैं और हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही केस सुलझा लेंगे।”
अधिकारी ने कहा कि एक और एंगल पर भी गौर किया जा रहा है कि गैंगस्टर हाल ही में शुरू हुए ऑपरेशन प्रहार के तहत अपने रिश्तेदारों के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई का बदला ले सकते हैं। खास तौर पर, पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया पर एक क्लिप शेयर की है जिसमें ASI गुरनाम सिंह को पॉइंट ब्लैंक गोली मारते हुए दिखाया गया है। वीडियो में भट्टी की कथित आवाज है जिसमें वह इन हत्याओं का समर्थन करते हुए पंजाब पुलिस को उसके “फेक एनकाउंटर” के लिए “करारा जवाब” बता रहा है। क्लिप अभी वेरिफाइड नहीं है।
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